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गुजरात में चांदीपुरा वायरस का खतरा, 22 बच्चों की मौत; जानिए कैसे फैलता है यह जानलेवा संक्रमण

photo- oneindia

 

 

 

 

अहमदाबाद : गुजरात में बच्चों को प्रभावित करने वाले दुर्लभ चांदीपुरा वायरस (CHPV) संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक 15 वर्ष से कम आयु के 22 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 184 से अधिक संदिग्ध मामलों की जांच की गई है। इनमें 35 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कई जिलों के अस्पतालों में संक्रमित बच्चों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।

क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस एक आरएनए वायरस है, जिसकी पहचान पहली बार 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में हुई थी। यह वायरस बच्चों के मस्तिष्क को प्रभावित कर एन्सेफलाइटिस (दिमाग में सूजन) जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। इसका असर खासतौर पर 9 महीने से 14 वर्ष तक के बच्चों में अधिक देखा जाता है।

कैसे फैलता है संक्रमण?

यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे नहीं फैलता। इसके प्रमुख वाहक कीट होते हैं।

क्या हैं इसके प्रमुख लक्षण?

संक्रमण की शुरुआत सामान्य वायरल बुखार जैसी लग सकती है, लेकिन कुछ ही समय में स्थिति गंभीर हो सकती है।

इलाज और वैक्सीन की स्थिति

फिलहाल चांदीपुरा वायरस के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। मरीजों का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। गंभीर स्थिति में आईसीयू, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर जैसी सहायक चिकित्सा दी जाती है।

बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है।

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