Site icon The Mountain People

उत्तराखंड में कांग्रेस का चुनावी बिगुल, 4-5 जून को राहुल गांधी का दौरा; अल्मोड़ा, पौड़ी और देहरादून में करेंगे कार्यक्रम

 

 

 

 

देहरादून: आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी 4 और 5 जून को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद करेंगे।

यह जानकारी उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने रविवार को देहरादून में दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि पौड़ी में पूर्व सैनिकों के एक बड़े सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा देहरादून में पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक भी प्रस्तावित है।

कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जनता की भावनाओं को समझने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास भी होगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस दौरे को लेकर उत्साह है और इससे संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।

प्रदेश प्रभारी ने कहा कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है। राहुल गांधी का दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से संगठन को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।

उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता मौजूदा नीतियों से निराश है और बदलाव की अपेक्षा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य केंद्रीय नेताओं के भी उत्तराखंड दौरे प्रस्तावित हैं।

कुमारी शैलजा ने प्रशासन पर कांग्रेस कार्यक्रमों के दौरान बैनर-पोस्टर लगाने में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना चाहिए।

राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। पार्टी का मानना है कि यह दौरा आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होगा।

 
 
Exit mobile version