देहरादून: CM धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित ‘हिमाद्रि’ आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की जर्सी और “पे एंड प्ले” पोर्टल का विमोचन किया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हिमाद्रि’ देश की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक है, जो उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित इस आइस रिंक में पहली बार साउथ एशियन विंटर गेम्स आयोजित हुए थे, लेकिन बाद में रखरखाव के अभाव में इसे बंद करना पड़ा। राज्य सरकार ने लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार कर एक वर्ष पहले पुनः शुरू किया।
सीएम ने बताया कि आइस रिंक के संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। पिछले एक साल में यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग और विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत में आइस हॉकी और स्केटिंग के प्रति तेजी से बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में देश शीतकालीन खेलों में बड़ी ताकत बन सकता है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों से खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है, जहां खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करेगी, जहां हर साल 920 एलीट एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही हल्द्वानी में पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर भी तेजी से काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ और ‘उदीयमान खिलाड़ी योजना’ जैसी योजनाओं से खिलाड़ियों को मजबूत किया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
‘हिमाद्रि’ आइस रिंक का पुनर्जीवन न केवल उत्तराखंड के खेल ढांचे को मजबूती दे रहा है, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विंटर स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में भी अहम कदम साबित हो रहा है।

