रुद्रप्रयाग: Vinay Shankar Pandey (आयुक्त गढ़वाल मंडल) और Rajiv Swaroop (आईजी गढ़वाल) ने आज रुद्रप्रयाग पहुंचकर Kedarnath Temple यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में नोडल अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई।
जिलाधिकारी Vishal Mishra ने बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। 31 हजार से ज्यादा यात्रियों को चिकित्सा सुविधाएं दी गई हैं, जबकि 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेली सेवाओं का उपयोग किया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी के माध्यम से भी यात्रा कर रहे हैं।
यात्रा व्यवस्थाओं पर फोकस
बैठक में बताया गया कि यात्रा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता, अस्पतालों की सक्रियता और म्यूल टास्क फोर्स की तैनाती सुनिश्चित की गई है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण और बीमा किया गया है, जबकि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग भी की जा रही है।
यात्रा मार्ग पर शौचालय, पेयजल, विद्युत, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट और शटल सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। Gaurikund में तप्तकुंड पर महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम भी उपलब्ध कराए गए हैं।
सुरक्षा और ट्रैफिक पर विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक Niharika Tomar ने ट्रैफिक प्लान, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी। सुरक्षा को देखते हुए रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। केवल जरूरी सामान की ढुलाई को अनुमति होगी।
सख्त निर्देश और निगरानी
गढ़वाल आयुक्त ने शौचालयों की नियमित सफाई, पर्याप्त स्टाफ तैनाती और रेंडम चेकिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अफवाहों पर रोक लगाने के लिए फेक न्यूज मॉनिटरिंग और समय पर आधिकारिक जानकारी जारी करने को भी कहा।
हेली सेवाओं में मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए गए कि टिकट केवल निर्धारित दरों पर ही बेचे जाएं। किसी भी शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनप्रयाग में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष योजना लागू करने के निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों के सुझाव भी शामिल
बैठक में विधायक Asha Nautiyal ने सड़क, पार्किंग, शौचालय और साइन बोर्ड से जुड़े मुद्दे उठाए। प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर साइन बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर भी सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
निरीक्षण और आगे की योजना
गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि Rishikesh से रुद्रप्रयाग तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया गया है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर स्थिति संतोषजनक पाई गई। उन्होंने सोनप्रयाग और गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण करने तथा मौसम अनुकूल होने पर केदारनाथ धाम तक पैदल निरीक्षण की भी बात कही।
धाम क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के लिए ₹5 लाख की धनराशि जारी की गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि इस बार किसी भी स्थिति में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं होगी।
मौसम के अनुसार यात्रा नियंत्रण
आयुक्त ने कहा कि मौसम की प्रतिकूल स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवश्यकता अनुसार 2-3 घंटे के लिए यात्रा रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से लगातार कार्य कर रहे हैं।
Related posts:
Related posts:
- आपदा प्रबंधन को मजबूती: राज्यों को 1115.67 करोड़ की मदद, भूस्खलन और बाढ़ से राहत की तैयारी तेज
- CM धामी ने 45 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान
- “उत्तराखंड में लोकतंत्र का उत्सव: जनवरी 2025 में 1.23 लाख नए मतदाता होंगे शामिल, वोटर लिस्ट 6 जनवरी को होगी प्रकाशित”
- HMPV के बढ़ते मामलों पर डॉक्टरों की सलाह: घबराएं नहीं, बचाव के उपाय अपनाएं

