Site icon The Mountain People

वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत बना निवेश का सुरक्षित ठिकाना, गुजरात से मिला दुनिया को बड़ा संदेश

 

 

 

 

TMP : जब दुनिया के कई बड़े देश राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं, उसी समय भारत खुद को एक स्थिर और भरोसेमंद ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करता दिख रहा है। राजकोट में हुए वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन से यह साफ संदेश गया कि वैश्विक निवेशकों के लिए भारत अब सिर्फ एक उभरता हुआ बाजार नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और निर्णायक शक्ति बन चुका है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सम्मेलन में कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी भारत का आत्मविश्वास अडिग है। उनके मुताबिक, मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीतियों की वजह से देश न केवल जोखिमों से बचा हुआ है, बल्कि भविष्य को अपने हिसाब से गढ़ रहा है।

अंबानी ने बताया कि रिलायंस गुजरात को टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। जामनगर में बन रहा एआई-रेडी डेटा सेंटर और स्वच्छ ऊर्जा का विशाल इकोसिस्टम भारत को अगली औद्योगिक क्रांति के अग्रिम मोर्चे पर खड़ा करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में गुजरात में रिलायंस का निवेश दोगुना करने की योजना है, जिससे रोजगार और तकनीकी क्षमता दोनों को बड़ा बल मिलेगा।

इसी मंच से अदाणी समूह के करण अदाणी ने भी भारत की बदलती सोच की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि देश अब केवल तात्कालिक विकास नहीं, बल्कि लंबी अवधि के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रहा है। गुजरात इसका जीवंत उदाहरण बन चुका है, जहां उद्योग, आधारभूत ढांचा और वैश्विक कनेक्टिविटी एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

करण अदाणी ने कच्छ और मुंद्रा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा और बंदरगाह विस्तार के जरिए गुजरात को वैश्विक सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है।

कुल मिलाकर, वाइब्रेंट गुजरात मंच से यह संदेश उभरा कि भारत अब सिर्फ संभावनाओं का देश नहीं, बल्कि फैसले लेने और उन्हें जमीन पर उतारने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में गुजरात और भारत, दोनों दुनिया के लिए स्थिरता और विकास का नया मॉडल पेश कर रहे हैं।

 
 
Exit mobile version