गोपेश्वर: नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े फूलों की घाटी क्षेत्र में जंगल की आग पर काबू पाना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बीते तीन दिनों से बफर जोन में सुलग रही आग अब भी कई हिस्सों में फैलती जा रही है, खासकर ऊंची चट्टानों और दुर्गम ढलानों पर, जहां पहुंचना बेहद कठिन है।
भ्यूंडार क्षेत्र में पुष्प गंगा नदी के पार जाने के लिए कोई पुल न होने के कारण वन कर्मियों की टीम काफी देर तक फंसी रही। रविवार को लकड़ी की बल्लियों से अस्थायी रास्ता बनाकर टीम ने नदी पार की और जंगल की ओर बढ़ना शुरू किया। इसके बाद आग बुझाने का काम तेज किया गया, लेकिन चट्टानी इलाकों में लपटों तक पहुंचना अब भी मुश्किल बना हुआ है।
उधर ज्योतिर्मठ के चांई थेंग क्षेत्र के जंगलों में भी आग लगातार फैल रही है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि दोनों इलाकों में वन विभाग की टीमें तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन जहां भूभाग बेहद पथरीला और खड़ा है, वहां ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण है।
जिला मुख्यालय के पास स्थित केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत मंडल और चोपता क्षेत्र में भी रविवार को आग भड़क उठी। सिरोली और ग्वाड़ के जंगलों में लगी आग को नियंत्रण में ले लिया गया है, जबकि चोपता के ऊपरी हिस्सों में अभी भी बुझाने का काम जारी है।
मंडल क्षेत्र में एसडीओ मोहन सिंह की अगुवाई में वन कर्मियों की टीम निचले इलाकों में आग पर काबू पा चुकी है। ऊंचे और चट्टानी हिस्सों में लगी आग को बुझाने के लिए वन क्षेत्राधिकारी भरत सिंह नेगी, वन दरोगा पृथ्वी नेगी, बीट अधिकारी चंद्रमोहन रावत और स्थानीय ग्रामीण मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं।

