TMP: देहरादून इन दिनों घने कोहरे और गिरते तापमान की गिरफ्त में है। सुबह की शुरुआत ही ठिठुरन और धुंध से हो रही है। सड़कों पर दृश्यता घटने के साथ-साथ अब इसका असर सीधे लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मौसम सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि बीमारियों का न्योता है।
कोरोनेशन जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार बताते हैं कि कोहरे के साथ ठंडी और प्रदूषित हवा सांस के रास्ते शरीर में जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी, दमा और आंखों में जलन की शिकायतें तेजी से बढ़ती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
वहीं डायटीशियन ऋचा कुकरेती का कहना है कि ठंड में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। ऐसे में गलत खानपान से समस्या और बढ़ जाती है। सुपाच्य और गर्म भोजन ही इस मौसम में सबसे बड़ी दवा है।
कोहरे में ये भूलें पड़ सकती हैं भारी
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बिना मफलर या मास्क के बाहर निकलना
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सुबह-सुबह ठंडी हवा को सीधे घर में आने देना
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ठंडे, खुले और बासी खाद्य पदार्थों का सेवन
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खांसी, आंखों की जलन या सांस की तकलीफ को नजरअंदाज करना
डॉक्टरों की सीधी सलाह
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दिनभर गुनगुना पानी पीते रहें, इससे बीपी और शुगर संतुलित रहती है।
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बाहर निकलते समय नाक और मुंह जरूर ढकें।
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कोहरा छंटने के बाद ही खिड़कियां खोलें।
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बुजुर्ग और दमा-हृदय रोगी सुबह जल्दी और रात देर से बाहर न जाएं।
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आंखों की सुरक्षा के लिए साफ पानी से धोना और चश्मा पहनना फायदेमंद है।
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सूप, अदरक-तुलसी की चाय और हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
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सांस फूलना, सीने में जकड़न या तेज जलन हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

