पौड़ी: पौड़ी जनपद में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष को लेकर प्रदेश सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद सोमवार को प्रमुख वन सचिव आर.के. सुधांशु, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने गुलदार हमले से प्रभावित गजल्ड गांव का दौरा किया।
टीम ने गुलदार के हमले में जान गंवाने वाले राजेन्द्र नौटियाल के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और सरकार की ओर से मुआवजे की अग्रिम राशि का चेक सौंपते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
ग्रामीणों के सहयोग की सराहना
प्रमुख वन सचिव ने मौके पर की गई त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा—
“मानव–वन्यजीव संघर्ष जैसी चुनौतियों का स्थायी समाधान तभी संभव है जब सरकारी तंत्र और जनभागीदारी एक साथ कार्य करें।”
उन्होंने गुलदार को न्यूट्रलाइज करने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद सत्यखाल गांव पहुंचकर स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनीं और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
स्थानीय प्रतिनिधिमंडल ने रखे ठोस सुझाव
दौरे के बाद प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विकास भवन में प्रमुख वन सचिव से भेंट कर संघर्ष न्यूनीकरण के सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें प्रमुख रूप से—
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स्थानीय विशेषज्ञों को निस्तारण दल में शामिल करने,
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गुलदार को नियंत्रित करने हेतु दो निजी शूटरों की अनुमति,
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और प्री-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेशों के जरिये जनजागरूकता फैलाने की मांग शामिल रही।
प्रमुख वन सचिव ने सभी सुझावों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए।
अब हर रेंज में होगी नियमित मॉनिटरिंग
विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख वन सचिव ने निर्देश दिए कि—
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हर रेंज स्तर पर नियमित “प्रभागीय दिवस” आयोजित किए जाएंगे
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“क्या करें–क्या न करें” आधारित जनजागरूकता सामग्री वितरित होगी
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रेंज, वन पंचायत और प्रभाग स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से वन्यजीव गतिविधियों की सूचना तुरंत साझा की जाएगी
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सूचना मिलते ही त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र अनिवार्य रूप से सक्रिय किया जाएगा
झाड़ी कटान अभियान को मिलेगा रफ्तार
मानव–वन्यजीव संघर्ष के प्रमुख कारणों में शामिल झाड़ी कटान को लेकर प्रमुख वन सचिव ने लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और नगर पालिका को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि—
“यदि अभियान के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता पड़ी, तो शासन स्तर से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।”
जनजीवन की सुरक्षा सर्वोपरि: मंडलायुक्त
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसमें प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय समुदाय का निरंतर सहयोग आवश्यक है।
“हमारी प्राथमिकता है कि जनजीवन पूरी तरह सुरक्षित रहे और हर प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुँचे।”
स्कूल और आंगनबाड़ी समय में बदलाव
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में—
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विद्यालयों और आंगनबाड़ियों के समय में सुरक्षा की दृष्टि से परिवर्तन किया गया है,
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पशुपालकों के लिए चारा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं,
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साथ ही वन विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान, झाड़ी कटान और संकट न्यूनीकरण के सभी उपाय तेज़ कर दिए गए हैं।

