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विश्व मानक दिवस 2025: राज्यपाल ने दिलाई गुणवत्ता प्रतिज्ञा, बोले — “हर निर्णय में गुणवत्ता को बनाएं जीवन का आधार”

 

 

 

 

देहरादून: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) देहरादून द्वारा विश्व मानक दिवस 2025 का भव्य आयोजन मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर, देहरादून में किया गया।

इस वर्ष का विषय था — “एक बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण – सतत विकास लक्ष्यों के लिए मानक।”

कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं कल्पना सैनी, और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

राज्यपाल बोले — आत्मनिर्भर भारत की नींव है गुणवत्ता

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य-17 की भावना के अनुरूप सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों और बीआईएस प्रमाणित वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया और कहा —“जब हर नागरिक गुणवत्ता को जीवन का हिस्सा बना लेगा, तभी भारत आत्मनिर्भर और महान राष्ट्र बनेगा।”

राज्यपाल ने बीआईएस द्वारा किए जा रहे जन-जागरूकता कार्यों की सराहना की और उपस्थित सभी लोगों को ‘गुणवत्ता प्रतिज्ञा (Quality Pledge)’ दिलाई।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि बीआईएस द्वारा स्वदेशी मानकों के विकास के प्रयास देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे हैं।

उन्होंने कहा —“स्वनियंत्रण, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास — यही देश के विकास की असली कुंजी हैं।”

उन्होंने बीआईएस से आग्रह किया कि स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार और गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए।

सांसदों और मंत्री ने की सराहना

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि गुणवत्ता और मानक, देश के समग्र विकास की बुनियाद हैं।

सांसद कल्पना सैनी ने युवाओं में गुणवत्ता चेतना विकसित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों से बीआईएस के साथ साझेदारी का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बीआईएस प्रमाणित उत्पादों और मॉडल प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि ऐसे आयोजन जनता में गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

बीआईएस देहरादून की पहलें बनीं आकर्षण का केंद्र

बीआईएस देहरादून के प्रमुख एवं निदेशक सौरभ तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए पिछले एक वर्ष में किए गए प्रमुख कार्यों की जानकारी दी —

जिसमें क्षमता निर्माण कार्यक्रम, संवेदनशीलता कार्यशालाएँ, ज्वैलर जागरूकता अभियान, और मानकीकरण में नई पहलें प्रमुख रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में ‘क्वालिटी वॉक’ (Quality Walk) का आयोजन किया गया, जिसमें 1000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें बीआईएस प्रमाणित उत्पाद, वैज्ञानिक मॉडल, स्टार्टअप इनोवेशन और स्टैंडर्ड क्लब परियोजनाएँ प्रदर्शित की गईं।

इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों और मीडिया संस्थानों को भी गुणवत्ता जागरूकता में सहयोग हेतु सम्मानित किया गया।

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