नई दिल्ली / काठमांडू: नेपाल में चल रहे Gen-Z नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर अब सुरक्षा संकट बन गए हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा भड़काई गई अराजकता का फायदा उठाकर नेपाल की कई जेलों से हजारों कैदी भाग निकले हैं। सुरक्षा बल इन कैदियों को पकड़ने में जुटे हुए हैं, वहीं कुछ कैदी भारत में घुसपैठ करने की फिराक में पकड़े गए हैं।
राजबिराज जेल में अफरा-तफरी
बुधवार दोपहर राजबिराज जेल में कैदियों ने ब्लॉक B में आग लगा दी। सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, लेकिन कुछ कैदी भागने में सफल रहे। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान तुरंत सक्रिय हो गए।
बीरगंज जेल में भी तनाव
पारसा जिले की बीरगंज जेल में कैदियों ने दक्षिणी दीवार तोड़कर भागने की कोशिश की। सुरक्षाबलों ने 10 राउंड हवाई फायरिंग और आंसू गैस का प्रयोग कर हालात पर काबू पाया। चार कैदी मामूली रूप से घायल हुए।
भारत में घुसपैठ की कोशिश नाकाम
सीमा चौकी पर भारतीय सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पाँच फरार कैदियों को भारत में घुसपैठ की कोशिश के दौरान पकड़ लिया। इन्हें हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को सौंपा गया।
गृह मंत्रालय की सतर्कता के चलते भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है। SSB ने दोनों देशों के बीच लगी खुली सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। नेपाल में कानून व्यवस्था बिगड़ने के कारण नेपाली सेना और सुरक्षा बलों को जेल परिसरों में तैनात कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस स्थिति को बेहद चिंता जनक बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। इस संकट के मद्देनजर उत्तर प्रदेश समेत अन्य सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी है। नागरिकों से सतर्क रहने और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से मदद लेने की अपील की गई है।

