Site icon The Mountain People

ईरान पर अमेरिका का ‘सुपर अटैक’: दो दिन में तीन परमाणु ठिकानों पर बरसे बंकर बस्टर बम, ट्रंप का दो सप्ताह वाला वादा निकला छलावा

 

 

 

TMP: अमेरिका ने महज़ 48 घंटों के भीतर ईरान की तीन सबसे संवेदनशील परमाणु साइट्सफोर्डो, नतांज और इस्फ़हान — पर बी-2 स्टील्थ बमवर्षकों से GBU-57A/B “बंकर बस्टर” बम गिरा दिए, जिससे पूरी दुनिया चौंक गई। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जून को कहा था कि वे “दो सप्ताह” में कोई फैसला लेंगे, लेकिन अगले ही दिन हमले की तैयारी शुरू हो गई थी।

सैटेलाइट इमेज और OSINT से हुआ खुलासा

मैक्सार टेक्नोलॉजीज की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) विश्लेषण ने हमले से पहले फोर्डो साइट पर भारी ट्रक मूवमेंट, बुलडोजर, और सुरंग के पास गतिविधियां दर्ज की थीं। इन तस्वीरों ने संकेत दिया कि ईरान कोई बड़ा स्थानांतरण ऑपरेशन कर सकता है।

क्यों इतनी जल्दी कर दिया हमला?

अमेरिकी रक्षा सूत्रों के अनुसार, अमेरिका को अंदेशा था कि ईरान अपनी 83.7% शुद्धता तक संवर्धित यूरेनियम को किसी गुप्त स्थान पर शिफ्ट कर सकता है। इसलिए अमेरिका ने तेज़ निर्णय लेते हुए हमले को रविवार सुबह अंजाम दिया। बी-2 बमवर्षक संभवतः यूरोप या डिएगो गार्सिया से लॉन्च किए गए थे।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और तनाव चरम पर

IAEA पहले ही ईरान की संवर्धन गतिविधियों को लेकर चेतावनी दे चुका था। अमेरिका का यह हमला ईरान-इज़राइल संघर्ष के बीच सीधे हस्तक्षेप की ओर इशारा करता है, जिससे मध्य एशिया में तनाव और गहराने की आशंका है।

क्या है GBU-57A/B मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP)?

  • वजन: 13,600 किलोग्राम

  • गहराई: 200 फीट तक की प्रबलित कंक्रीट को भेदने में सक्षम

  • विशेषता: बंकर के अंदर छिपी परमाणु तकनीक को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया

आगे क्या?

अब दुनिया की निगाहें ईरान की प्रतिक्रिया पर हैं। क्या यह मामला सीमित कार्रवाई तक सिमटेगा या मध्य पूर्व को नई जंग की ओर ले जाएगा? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

 

 
 
Exit mobile version